Modasa Mandi Bhav
Modasa Mandi Bhav
15/05/2020 – તલોદ

12/05/2020 – મોડાસા
Modasa Mandi Bhav :- आज के आर्टिकल में हम आपको Modasa Mandi Bhav – मोडासा मंडी भाव के गेहूँ, कपास, मुगफली, सोयाबीन, चना, इत्यादि जैसी सभी प्रमुख फसलों के मंडी भाव ताजा के बारे में विस्तार से जानकारी आपको प्रदान की जाएंगी। तो चलिए जानते है आजके मोडासा के मंडी भाव जाने।
Modasa APMC Rate
डासा मंडी में दूसरे मंडी की तरह आसपास के किसान अपनी फसल लेकर आते हैं. मोडासा मंडी भाव में अलग अलग बोलिया बोली जाती है जिसको हम हराजी भी बोलते है. मोडासा मंडी में गेहूं का भाव, सरसों का भाव, बाजरा का भाव, अरंडी का रेट, इसबगोल और जीरा का भाव जैसे प्रमुख फसल का भाव आपको मिलेगा।
- गेहूं भाव आज का : Update Soon
- अरंडी का रेट : Update Soon
- तारामीरा का भाव : Update Soon
- इसबगोल : Update Soon
- जीरा का भाव : Update Soon
- मूंग भाव आज का : ₹7566
- मोठ का रेट : ₹5910
- सरसो भाव today : Update Soon
- ग्वार का भाव :- Update Soon
जीरे की खेती
जीरा एक एक प्रमुख फसल है जो जायदातर सभी घरों के रसोई में पाई जाती है | जीरा का सबसे जायदा उपयोग एक मसाले के रूप किया जाता है. इसकी मांग पुरे देश और विश्व में है. जीरा की इतनी मांग होने के कारण किसानों को मंडी में अच्छी कीमत मिलती है. आज हम आपको जीरा की खेती के बारे में विस्तार से बताएँगे। यदि जीरा की खेती में मौसम , बीज , बुवाई तथा सिंचाई की सही तरीके से जानकारी नहीं रखने पर किसान को नुकसान भी उठाना पड़ता है | इसलिए आज हम जीरा की खेती की थोड़ी जानकारी आपके लिए लेकर आये है.
जीरा की उन्नत किस्में ?
| उन्नत किस्में | का समय | विशेषताएं |
| R.Z – 19 | 120-125 | उखटा , छाछिया व झुलसा रोग कम लगता है | |
| R.Z – 209 | 120-125 | छाछिया रोग कम लगता है | दाने मोटे होते है | |
| J.C – 4 | 105-110 | उखटा बीमारी के प्रति सहनशील | बीज बड़े आकार के | |
| R.Z – 223 | 110-115 | यह उखटा बीमारी के प्रति रोधक तथा बीज में तेल की मात्रा 3.23 प्रतिशत | |
जायदातर जीरा की बुवाई नवम्बर के तीसरे सप्ताह से दिसम्बर के पहले सप्ताह तक हो जाये तो अच्छा रहता है. सबसे पहले खेत में देसी हल तथा उसके बाद उस खेत को रोटावेटर से जुताई कर देना चाहिए। बाद में जीरा के बीज की बुवाई 1 से 1.5 सेमी. की गहराई तक करे. जीरा की खेती 120 से 125 दिनों की होती है. बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई करे.
जीरा की पहली सिंचाई हल्की होनी चाहिए याद रहे की पानी का धार तेज ना हो. तेज धार के कारण पानी बहार आ सकता है. दूसरी सिंचाई बुवाई के 7 दिन बाद तुरंत करें। फिर हर 20 दिन के बाद सिंचाई करे.
जीरे में झुलसा रोग और चरनी तथा फफूंद रोग जैसे रोग लग सकते है. जीरा का उत्पादन प्रति एकड़ से 7 किवंटल होता है। जिसका मूल्य बाजार के अनुसार 80 से 90 हजार रूपये तक होता है। गुजरात के उंझा मंडी में सबसे जयादा जीरा बेचा जाता है. उंझा मार्किट यार्ड जीरा बेचने का बहुत बड़ा मार्किट यार्ड है. हर साल लाखो टन जीरा किसान भाईओ अलग अलग राज्य से बेचने के लिए लाते है.
इस आर्टिकल में दिए गए आज के Mandi Bhav -मंडी भाव में उपलब्ध कपास और धान का मंडी रेट, नरमा भाव today, मूंग और चना सरसों, गेहूं का मंडी भाव आज का और कपास का भाव की जानकारी कैसी लगी नीचे कमेंट में बताएं। और दूसरे किसान मित्रो के साथ जरूर करे.
The post Modasa Mandi Bhav appeared first on Cojective.
Comments
Post a Comment